बोल बम के ध्वनि से गूँज उठा बाबा दरबार, सेंकड़ों भक्तों ने लगाया बोलबम के गाना पर ठुमका और बाबा को जल चढ़ाया

Madhwapur, madhubani 

करहुआँ घाट नव युवा समिति काॅवर बम ने Dj लेकर नाचते हुए बाबा दरबार जाकर जल चढ़ाया

हिंदू धर्म के अनुसार, श्रावण को शिवत्व के अनुरूप वर्ष का सबसे पवित्र महिना माना जाता है, तथा साप्ताहिक दिन सोमवार को शिव की उपासना का दिन माना गया है। इस प्रकार श्रावण माह के सोमवार की महत्ता और भी अधिक हो जाती है।
श्रावण को साधारण बोल-चाल की भाषा मे सावन कहा जाता है



सावन के सोमवार व्रत राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली एवं बिहार के अनुसार!
सोमवार, 06 जुलाई 2020
सोमवार, 13 जुलाई 2020
सोमवार, 20 जुलाई 2020
सोमवार, 27 जुलाई 2020
सोमवार, 03 अगस्त 2020


प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ अपना सुखी जीवन के कामना के लिए और विश्व कल्याण के लिए बाबा को जल चढ़ाया जाता है 

ऐसा माना जाता है कि सावन में बाबा को जल चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है इस वर्ष वैश्विक महामारी करोना ने जिस तरह दुनिया को बर्बाद किया है इस स्थिति में बाबा के कृपा से ही विश्व जगत का कल्याण होगा

सावन में आने वाले सभी सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माने जाते हैं। इस दिन भक्त घर पर या मंदिरों में जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और शिव जी को विभिन्न प्रकार की सामग्रियां चढ़ाते हैं। सावन सोमवार व्रत से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यताएं हैं।

ये है मान्यता...
शिव पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु देवउठान एकादशी के दिन सो जाते हैं इसलिए सृष्टि का कार्यभार भगवान शिव के पास होता है। सृष्टि का कार्यभार देखने के लिए सावन मास में भगवान शिव भगवान शिव माता पार्वती, पुत्र कार्तिकेय और गणेश, नंदी और गणों के साथ कैलाश छोड़कर पृथ्वी पर आते हैं।

सावन सोमवार व्रत विधि: 
ये व्रत सूर्योदय से लेकर तीसरे प्रहर तक किया जाता है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना फलदायी माना गया है। व्रत वाले जातक सुबह जल्दी उठ जाएं। पूरे घर की सफाई कर स्नान कर लें। मंदिर में शिवजी की मूर्ति के समक्ष सभी सामग्री लेकर बैठ जाएं। व्रत का संकल्प लें। शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा करें। पूजन सामग्री में जल, दुध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृ्त, मोली, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बेल-पत्र, भांग, आक-धतूरा, कमल, गट्ठा, प्रसाद, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, मेवा, दक्षिणा चढाया जाता है। इस दिन धूप दीपक जलाकर कपूर से शिव जी की आरती करनी चाहिए। व्रत कथा सुनें और शिव के मंत्रों का जाप करें। व्रती को तीसरा प्रहर खत्म होने के बाद एक ही बार भोजन करना चाहिए। रात्रि के समय जमीन पर सोना चाहिए।

शिव के मंत्र (Shiv Mantra):
1. ॐ नमः शिवाय।
2. नमो नीलकण्ठाय।
3. ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
4. ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
5. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||


सावन सोमवार के व्रत में क्या खाएं: 
सोमवार व्रत में कुछ लोग मीठा खाते हैं तो कुछ नमकीन चीजों का सेवन भी करते हैं। नमकीन चीजों के लिए अक्सर सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। व्रत के लिए कई तरह की रेसिपी तैयार की जा सकती है। जैसे दही आलू रेसिपी, सौंठ की चटनी, कुट्टू का डोसा रेसिपी, कुट्टू की पूड़ी, व्रतवाला चावल ढोकला रेसिपी, साबूदाना खिचड़ी रेसिपी इत्यादि।

देवों के देव महादेव को पसंद है इन चीजों का चढ़ावा:-
सावन के सोमवार का व्रत करने के लिए जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं।


संतान प्राप्ति के लिए ये है मान्यता:

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार संतान प्राप्ति के लिए सावन में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव का पूजन करें। इसके बाद गेहूं के आटे से 11 शिवलिंग बनाएं और प्रत्येक शिवलिंग का शिव स्त्रोत से 11 बार जलाभिषेक करें। इस जल का कुछ भाग प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। यह प्रयोग लगातार 21 दिन तक करें। गर्भ की रक्षा के लिए और संतान प्राप्ति के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष भी धारण करें। इसे किसी शुभ दिन शुभ मुहूर्त देखकर धारण करें।

कष्ट से मिलेगी मुक्ति...
सावन में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निपट कर मंदिर जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करने के साथ ही काले तिल अर्पण करें। जीवन में खुशहाली आने की है मान्यता।

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